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5 योगासन, जिनसे दूर हो सकती है टेंशन / सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ :-
1. बालासन (Balasana / Child Pose)
बालासन, शरीर को उसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में ले जाता है, जिस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में माता के गरà¥à¤ में होता है। मां के गरà¥à¤ में रहकर बचà¥à¤šà¤¾ जिस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में 9 महीने तक जनà¥à¤® लेने का इंतजार करता है। बालासन करते हà¥à¤ योगी शरीर को उसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में ले जाता है।
इस आसन का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ पूरी तरह से गà¥à¤°à¥à¤¤à¥à¤µ बल के विपरीत शरीर से जोर लगाते हà¥à¤ किया जाठतो, कोई à¤à¥€ आसानी से मानसिक, शारीरिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• राहत पा सकता है।
बालासन, साधारण कठिनाई या बेसिक लेवल का आसन है। इसे विनà¥à¤¯à¤¾à¤¸ योग की शैली का आसन माना जाता है। बालासन का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ 1 से 3 मिनट तक किया जाना चाहिà¤à¥¤ इसे करने में किसी किसà¥à¤® के दोहराव की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है।
बालासन करने की विधि :
योग मैट पर घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बल बैठजाà¤à¤‚।
दोनों टखनों और à¤à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को आपस में छà¥à¤†à¤à¤‚।
धीरे-धीरे अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को बाहर की तरफ जितना हो सके फैलाà¤à¤‚।
गहरी सांस खींचकर आगे की तरफ à¤à¥à¤•ें।
पेट को दोनों जांघों के बीच ले जाà¤à¤‚ और सांस छोड़ दें।
कमर के पीछे के हिसà¥à¤¸à¥‡ में तà¥à¤°à¤¿à¤•ासà¥à¤¥à¤¿/सैकà¥à¤°à¤® (sacrum) को चौड़ा करें।
अब कूलà¥à¤¹à¥‡ को सिकोड़ते हà¥à¤ नाà¤à¤¿ की तरफ खींचने की कोशिश करें।
इनर थाइज या à¤à¥€à¤¤à¤° जांघों पर सà¥à¤¥à¤¿à¤° हो जाà¤à¤‚।
सिर को गरà¥à¤¦à¤¨ के थोड़ा पीछे से उठाने की कोशिश करें।
टेलबोन को पेलà¥à¤µà¤¿à¤¸ की तरफ खींचने की कोशिश करें।
हाथों को सामने की तरफ लाà¤à¤‚ और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने सामने रख लें।
दोनों हाथ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ की सीध में ही रहेंगे।
दोनों कंधों को फरà¥à¤¶ से छà¥à¤†à¤¨à¥‡ की कोशिश करें।
आपके कंधों का खिंचाव शोलà¥à¤¡à¤° बà¥à¤²à¥‡à¤¡ से पूरी पीठमें महसूस होना चाहिà¤à¥¤
इसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में 30 सेकेंड से लेकर कà¥à¤› मिनट तक बने रहें।
धीरे-धीरे फà¥à¤°à¤‚ट टोरसो को खींचते हà¥à¤ सांस लें।
पेलà¥à¤µà¤¿à¤¸ को नीचे à¤à¥à¤•ाते हà¥à¤ टेल बोन को उठाà¤à¤‚ और सामानà¥à¤¯ हो जाà¤à¤‚।
2. सà¥à¤–ासन (Sukhasana / Easy Pose)
सà¥à¤–ासन को किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° और लेवल के योगी कर सकते हैं। बैठकर किया जाने वाला सà¥à¤–ासन सरल होने के साथ ही उपयोगी à¤à¥€ है। इस आसन के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ और टखने में खिंचाव आता है। इसके अलावा ये पीठको à¤à¥€ मजबूत करने में मदद करता है।
सà¥à¤–ासन, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ और डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ जैसे कई रोगों को दूर करने में à¤à¥€ मदद करता है। कई मानसिक और शारीरिक बीमारियां à¤à¥€ इसके नियमित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से ठीक होती देखी गईं हैं। इसके नियमित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से चकà¥à¤° और कà¥à¤‚डलिनी जागरण में à¤à¥€ मदद मिलती है।
सà¥à¤–ासन करने की विधि :
योग मैट पर पीठको सीधे रखते हà¥à¤ और पैरों को फैलाकर बैठजाà¤à¤‚।
दोनों पैरों को बारी-बारी से कà¥à¤°à¥‰à¤¸ करते हà¥à¤ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ से à¤à¥€à¤¤à¤° की तरफ मोड़ें।
घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ बाहर की तरफ रहें।
पालथी सी मारकर बैठजाà¤à¤‚।
पैर आराम से रहेंगे। और कोशिश करें कि घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ जमीन को छूते रहें।
अब पिंडलियों से à¤à¤• तà¥à¤°à¤¿à¤à¥à¤œ जैसा बन गया है।
पिंडलियां कà¥à¤°à¥‰à¤¸ होकर जांघों के नीचे हैं।
आपके पैरों और पेलà¥à¤µà¤¿à¤¸ के बीच में सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ जगह होनी चाहिà¤à¥¤
पेलà¥à¤µà¤¿à¤¸ का à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ अपनी पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रहना चाहिà¤à¥¤
रीढ़ की निचली हडà¥à¤¡à¥€ और पà¥à¤¯à¥‚बिक बोन फरà¥à¤¶ से à¤à¤• समान दूरी पर रहे।
हथेलियों को या तो अपनी गोद में रख लें। या फिर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ पर रख सकते हैं।
हथेलियां ऊपर की तरफ रहें या फिर नीचे की तरफ रहें।
रीढ़ की निचली हडà¥à¤¡à¥€ को सीधा करें और कंधों को तानकर रखें।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि कमर का निचला हिसà¥à¤¸à¤¾ मà¥à¤¡à¤¼à¥‡ नहीं।
निचली पसलियां आगे की तरफ मà¥à¤¡à¤¼ जाà¤à¤‚गी।
इस आसन में जब तक आराम से बैठे रहना चाहें, बैठे रह सकते हैं।
सà¥à¤–ासन करते समय रोज अपने पैरों की​ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को बदलते रहें।
3. उतà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ (Uttanasana / Standing Forward Bend Pose)
उतà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ मधà¥à¤¯à¤® कठिनाई वाला हठयोग की शैली का आसन है। इसे करने की अवधि 15 से 30 सेकेंड के बीच होनी चाहिà¤à¥¤ इसमें किसी दोहराव की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है। उतà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से हिपà¥à¤¸, हैमसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤‚ग, और कावà¥à¤¸ पर खिंचाव आता है जबकि घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ और जांघें मजबूत हो जाती हैं।
इसके अलावा, उतà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ के समय दिमाग दिल से नीचे होता है। बà¥à¤°à¥‡à¤¨ में रकà¥à¤¤ संचार बढ़ने के कारण ये दिमाग को शांत करता है और à¤à¤‚गà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤Ÿà¥€ से राहत देता है। सिरदरà¥à¤¦ और इंसोमà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर à¤à¥€ इसका अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ आराम देता है।
उतà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ करने की विधि :
योग मैट पर सीधे खड़े हो जाà¤à¤‚ और दोनों हाथ हिपà¥à¤¸ पर रख लें।
सांस को à¤à¥€à¤¤à¤° खींचते हà¥à¤ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® बनाà¤à¤‚।
कमर को मोड़ते हà¥à¤ आगे की तरफ à¤à¥à¤•ें।
शरीर को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करने की कोशिश करें।
हिपà¥à¤¸ और टेलबोन को हलà¥à¤•ा सा पीछे की ओर ले जाà¤à¤‚।
धीरे-धीरे हिपà¥à¤¸ को ऊपर की ओर उठाà¤à¤‚ और दबाव ऊपरी जांघों पर आने लगेगा।
अपने हाथों से टखने को पीछे की ओर से पकड़ें।
आपके पैर à¤à¤•-दूसरे के समानांतर रहेंगे।
आपका सीना पैर के ऊपर छूता रहेगा।
सीने की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और पà¥à¤¯à¥‚बिस के बीच चौड़ा सà¥à¤ªà¥‡à¤¸ रहेगा।
जांघों को à¤à¥€à¤¤à¤° की तरफ दबाà¤à¤‚ और शरीर को à¤à¤¡à¤¼à¥€ के बल सà¥à¤¥à¤¿à¤° बनाठरखें।
सिर को नीचे की तरफ à¤à¥à¤•ाà¤à¤‚ और टांगों के बीच से à¤à¤¾à¤‚ककर देखते रहें।
इसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में 15-30 सेकेंड तक सà¥à¤¥à¤¿à¤° बने रहें।
जब आप इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को छोड़ना चाहें तो पेट और नीचे के अंगों को सिकोड़ें।
सांस को à¤à¥€à¤¤à¤° की ओर खींचें और हाथों को हिपà¥à¤¸ पर रखें।
धीरे-धीरे ऊपर की तरफ उठें और सामानà¥à¤¯ होकर खड़े हो जाà¤à¤‚।
4. हलासन (Halasana / Plow Pose)
हलासन, साधारण कठिनाई या बेसिक लेवल का आसन है। इसे हठयोग की शैली का आसन माना जाता है। हलासन का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ 30 से 60 सेकेंड तक किया जाना चाहिà¤à¥¤ इसे करने में किसी किसà¥à¤® के दोहराव की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है।
हलासन के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ के समय दोनों टांगों पीछे यानी सिर की तरफ होती हैं। इससे पूरे शà¥à¤µà¤¸à¤¨ तंतà¥à¤° को बेहतरीन मसाज मिलती है। ये आसन à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• चोटों से कमजोर हà¥à¤ˆ याददाशà¥à¤¤ वाले लोगों के लिठरामबाण की तरह है। इसके नियमित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से आसानी से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाया जा सकता है।
हलासन करने की विधि :
योग मैट पर पीठके बल लेट जाà¤à¤‚।
अपने हाथों को शरीर से सटा लें।
हथेलियां जमीन की तरफ रहेंगी।
सांस à¤à¥€à¤¤à¤° की ओर खींचते हà¥à¤ पैरों को ऊपर की तरफ उठाà¤à¤‚।
टांगे कमर से 90 डिगà¥à¤°à¥€ का कोण बनाà¤à¤‚गी।
दबाव पेट की मांसपेशियों पर रहेगा।
टांगों को ऊपर उठाते हà¥à¤ अपने हाथों से कमर को सहारा दें।
सीधी टांगों को सिर की तरफ à¤à¥à¤•ाà¤à¤‚ और पैरों को सिर के पीछे ले जाà¤à¤‚।
पैरों के अंगूठे से जमीन को छà¥à¤à¤‚गे।
हाथों को कमर से हटाकर जमीन पर सीधा रख लें।
हथेली नीचे की तरफ रहेगी।
कमर जमीन के समानांतर रहेगी।
इसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¤• मिनट तक बने रहें
सांसों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करें सांस छोड़ते हà¥à¤, टांगों को वापस जमीन पर ले आà¤à¤‚।
आसन को छोड़ते हà¥à¤ जलà¥à¤¦à¤¬à¤¾à¤œà¥€ न करें।
टांगों को à¤à¤• समान गति से ही सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में वापस लेकर आà¤à¤‚।
5. शवासन (Shavasana / Corpse Pose)
आम धारणा है कि शवासन बेहद सरल आसन है। जबकि हकीकत ये है कि शवासन योग विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ के सबसे कठिन आसनों में से à¤à¤• है। ये आसन देखने में बेहद सरल लगता है लेकिन इसमें सिरà¥à¤« लेटना ही नहीं होता है बलà¥à¤•ि अपने मन की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं और शरीर की थकान दोनों पर à¤à¤• साथ नियंतà¥à¤°à¤£ पाना होता है।
शवासन को योगा सेशन के बाद किया जाता है। इसे करने से डीप हीलिंग के साथ ही शरीर को गहरे तक आराम à¤à¥€ मिलता है। इस आसन को तब à¤à¥€ किया जा सकता है जब आप बà¥à¤°à¥€ तरह से थके हों और आपको थोड़ी ही देर में वापस काम पर लौटना हो। शवासन का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ न सिरà¥à¤« आपको ताजगी ​बलà¥à¤•ि ऊरà¥à¤œà¤¾ à¤à¥€ देगा।
शवासन करने की विधि :
योग मैट पर पीठके बल लेट जाà¤à¤‚।
किसी तकिया या कà¥à¤¶à¤¨ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² न करें।
अपनी आंखें बंद कर लें।
दोनों टांगों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ से अलग-अलग कर लें।
शरीर पूरी तरह से रिलैकà¥à¤¸ हो।
पैरों के दोनों अंगूठे साइड की तरफ à¤à¥à¤•े हà¥à¤ हों।
हाथ शरीर से थोड़ी दूर हों।
हथेलियों को खà¥à¤²à¤¾ लेकिन ऊपर की तरफ रखें।
धीरे-धीरे शरीर के हर हिसà¥à¤¸à¥‡ की तरफ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना शà¥à¤°à¥‚ करें।
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ पैरों के अंगूठे से करें।
à¤à¤¸à¤¾ करते हà¥à¤ सांस लेने की गति à¤à¤•दम धीमी कर दें।
धीरे-धीरे आप गहरे मेडिटेशन में जाने लगेंगे।
आलस या उबासी आने पर सांस लेने की गति तेज कर दें।
शवासन करते हà¥à¤ कà¤à¥€ à¤à¥€ सोना नहीं चाहिà¤à¥¤
सांस लेने की गति धीमी​ लेकिन गहरी रखें।
आपका फोकस सिरà¥à¤« खà¥à¤¦ और अपने शरीर पर ही रहेगा।
10-12 मिनट के बाद, आपका शरीर पूरी तरह से रिलैकà¥à¤¸ हो जाà¤à¤—ा।
अब à¤à¤• तरफ को करवट ले लें। दोनों आंखों को बंद रखें।
à¤à¤• मिनट तक इसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बैठे रहें।
इसके बाद धीरे-धीरे उठें और फिर सà¥à¤–ासन में बैठजाà¤à¤‚।
गहरी सांसें लें और आंखें खोलने से पहले आसपास के माहौल का जायजा लें।
इसके बाद धीरे-धीरे आंखें खोल दें।
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